*कहीं आप अनजाने में तो नहीं बन रहे हिंसा भड़काने का हथियार!*  *सोशल मीडिया पर भूलकर भी न करें ये गलतियां*मेहरबान खान काांधला

*कहीं आप अनजाने में तो नहीं बन रहे हिंसा भड़काने का हथियार!*
 *सोशल मीडिया पर भूलकर भी न करें ये गलतियां*मेहरबान खान काांधला


 


दिल्ली में हिंसा के माहौल के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। ऐसे में एक आम इंसान कैसा महसूस कर रहा है, इसे वो सोशल मीडिया पर बयां कर रहा है। हिंसा के माहौल के बीच सभी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्दी ही हालात काबू में हो जाएंगे और फिर से शांति बहाल हो पाएगी।बहरहाल,  शांति की उम्मीद के साथ-साथ एक नागरिक और सोशल मीडिया यूजर होने के नाते आपकी भी कुछ जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें समझकर आप फिर से शांति स्थापित करने में कुछ योगदान दे सकते हैं।भावनाओं के सैलाब के बीच कुछ ऐसी चीजें हैं, जो सोशल मीडिया पर करने से बचना चाहिए- 



*भावनाओं में आकर कुछ भी शेयर करने से बचें  मुश्किल वक्त में भावनाओं को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है,* वहीं यह बात भी सच है कि ऐसे वक्त में भावनाएं सबसे ज्यादा उमड़ती है लेकिन फिर भी आपको भावनाओं में आकर ऐसे वीडियो, लेख शेयर नहीं करने हैं, जिससे किसी के मन में नफरत का भाव पैदा हो। खासतौर पर जिससे किसी समुदाय को उकसाने वाली बातें हो।



 


*लड़ाई-झगड़ा, गुस्सा बढ़ाने वाली बातों से बचें*


इस बात को एक छोटी-सी बात से समझा जा सकता है। जैसे- घर परिवार में लड़ाई होने पर शांति स्थापित करने के उद्देश्य से समझाने-बुझाने वाली बातें की जाती है क्योंकि लड़ाई में गलती किसी की भी हो लेकिन नुकसान सभी का होता है। ऐसे में किसी गलती है, ऐसा तर्क करने की बजाय शांति स्थापित करने पर जोर होना चाहिए।


*कोई पेज लाइक करने या ग्रुप का हिस्सा बनने से बचें*


हिंसा या तनाव के बीच दंगे के समर्थक लोग बड़े ही शातिर तरीके से लोगों को उकसाने का काम करते हैं। ऐसे में बिना जानकारी के पेज लाइक न करें। अपनी बातों को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए कई लोग पेज बनाते हैं। यह बातें सही और गलत दोनों हो सकती हैं। ऐसे में अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करते हुए ऐसे लोगों को पहचानें। कई बार आपकी वॉल पर पेज लाइक का मैसेज फ्लैश होता है, जिस पर कई लोग क्लिक कर पेज लाइक भी कर देते हैं लेकिन ऐसा करने से उस पेज से किए सारे पोस्ट आपके दोस्तों और जानकारों को भी दिखेंगे।अगर यह नेगेटिव पोस्ट हैं। तो आप भी इन्हें फैलाने में उनका पूरा साथ दे रहे हैं। ऐसा करना नैतिक और कानूनन दोनों रूपों में गलत है।


 


*नफरत फैलाने वाले पोस्ट, वीडियो, फोटो की रिपोर्ट करें  कभी भी ऐसी किसी बातों को न फैलाएं,* जिनसे किसी समुदाय विशेष के खिलाफ लोगों के मन में नफरत बढ़ें। साथ ही अगर आपको ऐसी कोई पोस्ट, वीडियो आदि दिखाई देती है, तो तुंरत उसे रिपोर्ट करें।


 


*ऐसे वाट्सअप ग्रुप को छोड़ें*


ऐसे वक्त पर वाट्सअप फेक न्यूज फैलाने के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल होता है। ऐसे में आप तुंरत उस ग्रुप को छोड़ दें, जिसपर लगातार हिंसा से जुड़ी फोटोज, वीडियो या बातों वाले मैसेज आ रहे हों। ऐसे मैसेज को बार-बार देखकर आपके दिमाग पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है।


 


*किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी को हथियार न बनाएं*


अक्सर ऐसा होता है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वजह से हमारी किसी से लड़ाई हो जाती है या हम उसे नापसंद करने लगते हैं। ऐसे में आप उस वक्ति से बदला लेने के लिए कुछ ऐसी उकसाने वाली बातें न कहें,  जो उसे काफी वक्त पहले कही हो। कोशिश करें कि आप ऐसे वक्त में हिंसा फैलाने का माध्यम न बनें


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