कोरोना एक वेबसीरीज लेखिका दीप्ति डांगे मुंबई

 लेख


*कोरोना एक वेबसीरीज*



*लेखिका दीप्ति डांगे, मुम्बई* 


नीना की अम्मा जानकी बहुत दिनों से परेशान और बहुत डर रही थी। की आखिर कोरोना क्या है?क्या सब मर जायेंगे?मीडिया मे हर जगह कोरोना के मरीजों के और मरने वालों के आंकड़े ही दिखाए जा रहे थे।नकारात्मकता घर करती जा रही थी। सकून तो मन मे दूर दूर तक कही  था ही नही।और नीना के पापा राजन इस बात को समझ रहे थे।तो एक दिन राजन ने जानकी को उसी की भाषा मे समझाना शुरू किया मतलब टी. वी. सीरियल की भाषा मे क्योंकि जानकी को  सीरियल और वेबसेरीज़ बहुत ही पसंद थे।

राजन ने बोला कि सुनो नीना की अम्मा जा कोरोना एक सीरियल की तरह है जैसे सीरियल मे बहुत तरह के चरित्र होत है वइसन ही इस वायरस के बहुत तरह के चरित्र है।जैसन- ब्राजील,ब्रिटेन, अफ्रीकन, डबल म्युटेंट, ब्लैक फंगस इत्यादि...

जैसे या सीरियल सभी को प्रभाहीत करत है वइसन ही कोरोना भी सबको प्रभावित कर रहो है। या अन्तर्राष्ट्रीय सीरियल बन पूरी दुनिया को नचा रहो है।और दुखी कर रहो है। जा समझ लेओ जा थोड़ो सो नकारात्मक सीरियल है।

जा में सीरियल की तरह चरित्र के चेहरे बदल लेने की क्षमता भी हैगी ।मतलब या म्युटेंट हो जात है और हॉरर सीरियल के भूतन की तरह बहुतन ताकतवर हो रहो है। मतलब फुल एंटरटेनमेंट मेन्ट है टी वी सेरिअलो ओर जा में सारे मसाले भरे है। पर जा धीरे धीरे ओर स्मार्ट और जटिल हो कर वेबसेरीज़ बन गयो है मतलब बहुत ताकतवर बन गयो है।वो भी हमारी लापरवाही से। हमने ओ की टी.आर.पी. जो बड़ा दी है। अब जा वेबसेरीज़ कि जैसन अपनी सीरीज बनाने लगो है। दूसरी लहर, तीसरी लहर। और दुनिया डर कर उनका इंतेजार कर रही है जा एक हॉरर सीरीज की तरह ससुरा फुल फॉर्म,ताकत और सस्पेन्स से जो आत है।

जिसके कारण बहुतन ज्यादो लंबो हो गयो है पर चिंतन की क्युनो बात नाही जा की काट भी आ गयी है वैक्सीन लो, मास्क पहनो है और 2 गज की दूरी रखो ।तो जा के दर्शक (मरीज)भी कम हो जायेगे जिससे टी.आर.पी कम होगी और बहुतन जल्द  जा वायरस भी खत्म हो जै। कछु समझ आयी नीना की अम्मा। अब यही सब बातें तुमको अपनी सभी सहेलियों तक पहुचानी है। उनके पास जाकर नाही बल्कि मोबाइल से बात करके।हमको जा की टी. आर. पी जो कम करनी है। हा एकं बात और समझ लियो कछु लोग गलत अफवाएं भी फैला रहे हँगे पर हमको उनकी बातन मे नही आनो।जा व लोग है जिनको बस दुसरो में बुराई दिखत है और अपने मतलब के लाने राजनीति करत है। एक तरह से जा सीरियल के बा खलनायक और खलनायिका है जो अपने मतलब के लाने पूरो घर बर्बाद कर देत है।लेकिन जिस तरह हीरो या हीरोइन अपनी अक्लमंदी से सबकुछ ठीक करत है और खलनायक को मात देत है वइसन हम सभी जनता जनार्दन को हीरो बन, जा वायरस को मात देनो है। अगर हम चाहत है कि जा अपनी ओर सीरीज न बनाये तो हमे सकारात्क सोच और अनुशासन की बहुतन जरूरत होगी। और हमका विश्वास है कि हम सब मिलकर बहुतन जल्द इस वायरस रूपी खलनायक का अंत करेंगे। तो नीना की अम्मा ज्यादा परेसान मत हो उठो और सबको हिम्मत दो।जा नकारात्मक वेबसेरीज़ की आखरी एपिसोड लिखन मे अपना योगदान दो।

अब जानकी को सकून था और उसने ठान लिया था कि वो अपने पूरे गांव मे लोगो को इस वायरस के बारे मे बताएगी सकारात्मक तरीके से जिससे सब मिलकर इस वायरस को मात दे सकेंगे।

प्रस्तुति रिपोटर चंद्रकांत सी पूजारी

Popular posts
चार मिले 64 खिले 20 रहे कर जोड प्रेमी सज्जन जब मिले खिल गऐ सात करोड़ यह दोहा एक ज्ञानवर्धक पहेली है इसे समझने के लिए पूरा पढ़ें देखें इसका मतलब क्या है
मत चूको चौहान*पृथ्वीराज चौहान की अंतिम क्षणों में जो गौरव गाथा लिखी थी उसे बता रहे हैं एक लेख के द्वारा मोहम्मद गौरी को कैसे मारा था बसंत पंचमी वाले दिन पढ़े जरूर वीर शिरोमणि पृथ्वीराज चौहान वसन्त पंचमी का शौर्य *चार बांस, चौबीस गज, अंगुल अष्ठ प्रमाण!* *ता उपर सुल्तान है, चूको मत चौहान
Image
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सभी जिला अधिकारियों के व्हाट्सएप नंबर दिए जा रहे हैं जिस पर अपने सीधी शिकायत की जा सकती है देवेंद्र चौहान
एक वैध की सत्य कहानी पर आधारित जो कुदरत पर भरोसा करता है वह कुदरत उसे कभी निराश नहीं होने देता मेहरबान खान कांधला द्वारा भगवान पर भरोसा कहानी जरूर पढ़ें
क्योंकि पूरी दुनिया में कारपेट बिछाने से अच्छा है कि हम अपने पैरों में ही जूता पहन लें..