बाल्मीकि समाज अपने हक की लड़ाई के लिए एकजुट हो अरविंद झंझोट शामली

 वाल्मीकि समाज अपने हकों को प्राप्त करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करें अरविंद झंझोट


शामली 15 अक्टूबर 2021 राष्ट्रीय वाल्मीकि समाज प्रतिनिधि मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद झंझोट ने अपने एक प्रेस बयान में कहां है कि पूरे भारतवर्ष में देश आजाद होने के पश्चात जितना विकास वाल्मीकि समाज का होना चाहिए था उतना विकास नहीं हो पाया है वाल्मीकि समाज विकास की दौड़ में बहुत पीछे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में और राजनीतिक क्षेत्र में बहुत पीछे की पंक्ति में वाल्मीकि समाज खड़ा है और वाल्मीकि समाज के समाजिक प्रतिनिधियों की राजनीतिक क्षेत्र में भारी उपेक्षा हो रही है देश में एवं उत्तर प्रदेश में वाल्मीकि समाज की राजनीतिक क्षेत्र में भारी उपेक्षा हो रही है उत्तर प्रदेश में 30 साल पूर्व प्रदेश में वाल्मीकि समाज से कैबिनेट स्वास्थ्य मंत्री स्वर्गीय चौधरी हरि सिंह वाल्मीकि कांग्रेस शासनकाल में बनाए गए थे और केंद्र में भी कांग्रेस पार्टी ने वाल्मीकि समाज से कैबिनेट केंद्रीय गृहमंत्री एवं राज्यपाल बिहार प्रदेश एवं देश के कैबिनेट केंद्रीय संचार मंत्री स्वर्गीय सरदार बूटा सिंह जी को बना करके वाल्मीकि समाज का सम्मान बढ़ाने का काम किया था उसके पश्चात से वाल्मीकि समाज से कोई केंद्र में कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया और नहीं उत्तर प्रदेश में कोई कैबिनेट मंत्री वाल्मीकि समाज से नहीं बनाया गया वाल्मीकि समाज के साथ में राजनीतिक पार्टियां दिखावा कर रही हैं और उनके वोट लेने के लिए वोट की राजनीति की जा रही है और वाल्मीकि समाज का देश के अनेकों प्रदेशों में उत्पीड़न हो रहा है आज वाल्मीकि समाज बेरोजगारी आर्थिक तंगी एवं गरीबी से जूझ रहा है जिस पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है वाल्मीकि समाज काफी वर्षों से स्थानीय निकायों में अस्थाई रूप संविदा सफाई कर्मचारियों एवं ठेके व्यवस्था में कम वेतन परकार्य कर रहा है जिसमें सरकार द्वारा नतो इनका वेतन बढ़ाया गया है और ना ही इन्हें परमानेंट किया गया है आज आउटसोर्सिंग ठेके व्यवस्था में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को बहुत कम वेतन और प्रति महा बीत जाने पर 18 से 20 तारीख तक वेतन दिया जा रहा है ग्रामीण क्षेत्रों में वाल्मीकि समाज के पास रोजी रोजगार की व्यवस्था ना होने पाने की वजह से गांव को छोड़कर शहरों की ओर रोजगार की तलाश में जाना पड़ रहा है सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में वाल्मीकि समाज के लोगों को रोकने के लिए प्रत्येक गांव में 5 सफाई कर्मचारी एवं शिक्षित युवाओं को रोजगार देने की व्यवस्था कराई जाए और प्रत्येक परिवार में पति या पत्नी को एक रोजगार दिलाए जाने की व्यवस्था कराई जाए और 200000 से ₹500000 का बेरोजगारों को अपना व्यवसाय रोजगार शुरू करने के लिए आधी छूट पर ऋण दिलाए जाने की व्यवस्था कराई जाए और पूरे भारतवर्ष में प्रत्येक प्रदेश में देश को स्वच्छ बनाने के लिए 1 लाख सफाई कर्मचारियों की भर्ती स्थानीय निकायों में एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक प्रदेश में कराई जाए वाल्मीकि समाज के अस्थाई सफाई कर्मचारियों के लिए एवं बेरोजगारों के लिए श्रमिक कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड बनवाए जाने की व्यवस्था कराई जाए इन तमाम समाज की समस्याओं का समाधान कराने के लिए हमारा संगठन संघर्षरत है समाज को एकजुट होकर समाजिक हित के लिए वाल्मीकि समाज के सभी संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है वाल्मीकि समाज की समस्याओं का समाधान कराने के लिए अपने-अपने जनपदों से आवाज उठाएं और जिला प्रशासन द्वारा उक्त मांगों को लेकर संघर्ष करें और ज्ञापन सरकार को भिजवाए जाने की अपील की उक्त अवसर पर नंदू प्रसाद वाल्मीकि जिला संयोजक अरुण झंझोट मुकेश कुमार विशाल कुमार वर्गिस झंझोट देवानंद बाल्मीकि प्रमोद कश्यप आदि उपस्थित रहे भवदीय अरुण झंझोट सचिव राष्ट्रीय वाल्मीकि समाज प्रतिनिधि मंच 79 83 20 5 5 3 9