*देवेंद्र चौहानबागपत जिलाधिकारी के पूर्व ओएसडी वेदप्रकाश शर्मा भ्रष्टाचार में बुरे फंसे, कार्रवाई तय*
वर्तमान में बागपत तहसील में नायब नाजिर के पद पर है तैनात
बैंक ऋण से सम्बन्धित मामले में ऑर्डर सीट बदलने का आरोप, 13 सितम्बर 2019 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1) व 13(2) के अलावा 167 और 218 आईपीसी में दर्ज मुकदमें में पुलिस जांच कर रही है।
बागपत के सचिन जैन द्वारा एसबीआई की शौकत मार्केट शाखा से लिए गए ऋण से सम्बन्धित मामले कि एडीएम जांच कर रहे थे। जांच के दौरान एडीएम के तत्कालीन पेशकार वेदप्रकाश शर्मा निवासी अशोकनगर थाना ज्योतिनगर दिल्ली पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सचिन जैन ने अफसरों से शिकायत कि थी। जिस पर प्रदेश के अनुसचिव गृह अनुभाग-3 के आदेश पर भ्रष्टाचार निवारण संघठन को जांच सौंपी गई थी। इंस्पेक्टर कुंवरपाल सिंह ने जांच की तो पेशकार की सारी हरकतों का पर्दाफाश हो गया।
*अवकाश का पत्र देकर फरार हुआ आरोपी*
भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी वेदप्रकाश शर्मा अवकाश का प्रार्थना पत्र देकर फरार है। तब से आज तक वह ऑफिस नहीं आए। इस मामले मै डीएम शकुंतला गौतम से शासन ने रिपोर्ट मांगी है। इससे साफ है कि आरोपी पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है।