कमलेश नाहर जी की कलम से ऐसी बात जो अब तक भारत की आम जनता को नहीं पता है उसी बात को आज आंखों देखेअपराध में संपादकीय के रूप में छापा जा रहा है क्योंकि इस लेख को पढ़ने के बाद संपादक मनोज पवार इस नतीजे पर पहुंचे हैं अपने अनुभव के अनुसार के लेखक की एक एक बात पूरी सत्य है सत्य है तो देखिए कर्नल पुरोहित को हिंदू आतंकवाद कहकर जेल में उस समय की सत्ता ने अपनी किस बात को छुपाने के लिए उसे आतंकवादी बना कर गिरफ्तार किया था पढ़े जरूर उसके बाद ही निर्णय लें मेरी प्रार्थना है सभी मित्रों और भारत के राष्ट्रभक्त जनता से के इस लेखक द्वारा जो सत्य प्रकट किया गया है उससे पूरा देश वाकिफ हो जाए लेखक बता रहा है की कांग्रेश तथापाकिस्तान सदा एक हैं अलग मत मानो वह कैसे लेख को पूरा पढ़ने केबाद खुद ही जान जाओगे
💐अंग्रेजों द्वारा बनाई गयी कांग्रेस और भारत के दुश्मन पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत में गजवा हिन्द के तहत सन् 2025 ईस्वी तक हिन्दुओ को भारत से खत्म करने का लक्ष्य पढ़ो इस साजिश को 💐
💐शेयर करो सत्य सभी हिन्दुओ को बताओ💐
कर्नल पुरिहित ने रिपोर्ट किया था कि सन् 2005 ईस्वी में भारत का सर्वोच्च शत्रु
#दाऊद_इब्राहिम
मुम्बई में बैठकर नक्सली और i.s.i.के बीच मध्यस्तता कर रहा था..
इस पर कभी जांच भी नहीं कि गयी कि कैसे दाऊद इब्राहिम भारत की भूमि पर रहा,किसने उसे आश्रय दिया,कौन कौन राजनैतिक व्यक्ति उसके सम्पर्क में थे,पुलिस को जानकारी थी किन्तु पुलिस एक प्रकार से दाऊद के कवच के रूप में तैनात थी..
भारत मे ये सब कौन होने दे रहा था 🤔🤔
मैंने बताया था आपको की 2005 में कर्नल पुरोहित ने जानकारी दी थी कि दाऊद इब्राहिम मुम्बई में था और नक्सली और i.s.i .के बीच
सौदा करवा रहा था..
#update
सन् 2005 ईस्वी में अजीत डोवाल को मुंबई में पुलिस ने पकड़ लिया था क्योंकि उनके पास दाऊद
को पकड़ने का पूरा प्लान था..
#10जनपथ_का_खेल
26/11 को जो होने वाला
था कर्नल श्री कान्त पुरोहित को पता
था,लेकिन उनको कुछ दिन पहले चोरों के माफिक भोपाल हवाई अड्डे पर ही पकड़ लिया गया..
जिनको शंका है वो जरा
तारीखे पता कर लें..
#10जनपथ_का_खेल
26/11 मुम्बई में करना पड़ा क्योंकि गुजरात पुलिस अपने मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए अत्यंत सक्रिय थी..
याद कीजिये
आतंकियों की बात पहले गुजरात के तट पर ही देखी गयी थी किन्तु वहां दाल नहीं गली तो मुम्बई फारवर्ड किया गया था..
फिर सवाल यह उठता है कि #भगवा_आतंकवाद क्यों गढ़ा गया..
I.S.I .के Lt. Gen. पाशा ने वास्तव में यह शब्द गढ़े थे जिसपर 10 जनपथ सहमत था.. दिग्गी को निर्देश मिले,
मप्र के धार में दिग्गी ने simi (सिमी)
का गढ़ बना रखा था,उधर से स्लीपर सेल मुम्बई पहुंचे,बच्चों के लिए खाने रहने की व्यवस्था की गई..
बच्चे आ रहे थे कर्नल पुरोहित को पता था...
कर्नल को जेल क्यों हुई समझिये..
कर्नल बहुत कुछ जानते थे और जिसकी जानकारी वे लगातार सेना को दे रहे थे, वह जानकारी सेना के एक वरिष्ठतम अधिकारी को पता थी, वहां से 10जनपथ तक खबर हो रही थी..
दिग्गी अपनी तैयारी में थे, कुछ ATS वालों को पहले से फोन पर बातें किया करते थे..
पर फोन पर जिनसे बातें किया करते थे उनको बोट से आने वाले बच्चे नहीं पहचानते थे..
कोऑर्डिनेशन में गड़बड़ हुई, ATS वाले अपनो से मिलने पहुंच गए "टहलते" हुए, बच्चों ने पुलिस की गाड़ी पर ak47की मैगजीन खाली कर दी, फिर गाड़ी को खाली किया और मुंबई सैर पर निकल गए..
उधर दिग्गी पहले ही भगवा आतंकवाद की कहानी पर किताबों की प्रूफ रीडिंग करवा चुके थे, बच्चे मुम्बई में उतरे तो उन्हें कलावे पहना दिए गए, बच्चों को निर्देश था कि जिंदा नहीं पकड़े जाना नही तो अम्मी अब्बू बहन भाई सब ऊपर ही मिलेंगे..
वो तो हवलदार देशभक्त था क्योंकि बच्चे इतनी दूर पहुंच जाएंगे इसकी तैयारी और सोच भी नहीं थी..
बाकी ईश्वर की मर्जी के आगे सब शून्य ही तो है..
कर्नल बहुत कुछ जानते थे, रिपोर्ट भी करते थे, बस कलावे के फेर में उलझते गए..
#10जनपथ_का_खेल
मालदा से दरभंगा तक नक्सलियों को रुपया पैसा हथियार नेपाल ISI दाऊद चीन कांग्रेस सब पता था कर्नल को किन्तु वो कौन था जो 10 जनपथ को सब बता रहा था..
26/11
#10जनपथ_का_खेल
एक पुलिस अधिकारी को आतंकियों ने मार दिया, पुलिस अधिकारी को मरणोंपरान्त मेडल से सम्मानित किया गया..
बाद में दिग्गी चुप नही रहे बता बैठे की एक दिन पहले ही दोनों की बात हुई थी, क्यो बताया, क्योंकि यदि नहीं बताते और कहीं गलती से जांच हो जाती तो फोन कॉल डिटेल्स में नाम तो आना ही था..
चौबेजी बनने चले थे छबे जी बनकर लौट आये..
अधिकारी जी बिचारे जबरन में निपट गए..
कर्नल को पैर के अंगूठे से घुटने तक 27 फ्रेक्चर तो बाद में हुए किन्तु यदि अधिकारी जी जीवित होते तो 200+ पूरे शरीर में होते..
26/11
कर्नल पुरोहित
#10जनपथ_का_खेल
आज आपने सुना होगा कि सबसे पहले शारद पवार ने हिन्दू आतंकवाद की अवधारणा भारत मे दी थी - डीपी त्रिपाठी ने कहा है..
बच्चे आये थे, कलावे पहन कर.. जिंदा नहीं पकड़े जाने, बार बार हमने रिकार्डेड बातचीत में सब सुन है,, पर तुकाराम,, हवलदार तुकाराम तो बहुत दूर चौपाटी के करीब थे, उनको तो बस माँ भारती की सेवा करनी थी..
सो पकड़ लिया कसाब को, जिंदा..
खुद तुकाराम तो वास्तव में शहीद हो गए पर आर.एस.एस को जीवन दे गए, आर.एस.एस. के कई बड़े नेताओं तथा योगी आदित्यनाथ जैसे सन्त को भी भगवा आतंकवाद में जेल में डालने की पूरी योजना थी खुद विषपान कर नीलकण्ठ हो गए और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अमरता का अमृत दे गए ..
बस यहीं मात खा गया 10 जनपथ..
ये भारतीय नाहक ही देशभक्ति दिखा जाते हैं नहीं तो आज जिन मोदी जी के सामने विपक्ष शून्य हो चुका है उस स्थान पर साजिश करके राऊल बाबा होते, सल्तनत बरकरार रहती देश के हिन्दुओ का सन् 2025 ईस्वी तक भारत में खत्म कर दिया जाता है ..
कर्नल श्री कान्त पुरोहित जी को सब पता था, कर्नल साहेब रास्ते से हटाना जरूरी था इसी लिये भगवा आतंकवाद गढ़ा गया ! ..
26/11
कर्नल पुरोहित
#10जनपथ_का_खेल
क्या आपको पता है कि पाकिस्तान ने साझा जांच के लिए कर्नल से पाकिस्तान में पूछताछ की बात की बार कही थी जिसपर तत्कालीन सरकार क़ानूनी दांवपेंच सुलझाने में लगी थी..
वास्तव में पाकिस्तानी ISI को यह पता करना था कि 10 जनपथ के साथ मिलकर उनके बनाये इतने पुख्ता प्लान के बारे में कर्नल को पता कैसे चला..
पर कर्नल तो सख्त जान निकले, माँ भारती के सच्चे सपूत, शरीर तोड़ दिया उन लोगों ने लेकिन जमीर नहीं तोड़ पाए..
नमन है
26/11
कर्नल पुरोहित
#10जनपथ_का_खेल
"26/11 - आरएसएस की साजिश" किताब छापी जा चुकी थी क्योंकि तबतक प्लान के अनुसार कोई भी बच्चा जिंदा नहीं बचने वाला था, अधिकारी महोदय भी यही सुनिश्चित करने निकले थे कि अस्पताल से निकलेंगे, हाँथ मिलाएंगे फिर निबटा देंगे पर बच्चे सयाने थे, उन्होंने कन्फ्यूजन में अधिकारी महोदय को निबटा दिया...
मुझे इस बात में कोई शंका नहीं कि भारत के पास एक डोवाल हैं तो साथ ही एक पुरोहित भी है..
डोवाल खुद पाकिस्तान में थे तो कर्नल भारत मे छिपे पाकिस्तान के बीच स्थापित थे.. 👍
26/11
कर्नल पुरोहित
#10जनपथ_का_खेल
भारतीय सेना की खुफिया विंग के एक प्रमुख अधिकारी को पकड़ लिया गया और उधर खलबली मचा दी गयी ..
इधर बच्चों को लाने की व्यवस्था कर दी गयी और बोट मुम्बई में लगा दी गयी..
2009 में यदि श्रद्धेय आडवाणी जी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार नहीं बनाया गया होता तो उनके लिए 26/11 का समय बहुत कठिन हो सकता था लेकिन चुनाव भी सर पर थे...
वैसे भारतीय समुद्री सीमा सुरक्षा बल जो पाकिस्तानी मछुआरों को 1 किलोमीटर के दायरा पार करते ही पकड़ लेता है उनपर क्या आप शंका कर सकते हैं कि मुम्बई तक बोट पहुंच गई और किसी को भनक तक नहीं लगी..
याद कीजिये, सुबह वो पाकिस्तानी हवाई जहाज जो पाकिस्तान से उड़ा था और जिसने भारत मे हथियार गिराए थे..
वो हथियार कहाँ गए, वो हवाई जहाज किसी भी रडार की पकड़ में क्यों नहीं आया...
रडार जरूरत के समय कोई तो है जो एक साथ सभी संस्थाओं के रडार बन्द कर देता है.. कौन हो सकता है..
26/11
कर्नल पुरोहित
#10जनपथ_का_खेल
आज अंत मे बताऊं
करकरे एक अच्छे अधिकारी थे किंतु दिग्विजय सिंह के सम्पर्क में आ गए और कभी जान ही नहीं पाए कि उन्हें केवल प्यादा बना दिया गया था शतरंज के खेल में..
रानी आज भी कटघरे में है, राजा सीमा पार बैठा है, वजीर बाथरूम की फोटो में उलझ गया तो घोड़ा बितका हुआ है.. हांथी को लकवा लगा तो वो और सुस्त हो गया..
इसी बीच सत्ता परिवर्तन हो गया, पूरा खेल बिगड़ गया, सब के सब अपनी बारी की प्रतीक्षा में बैठे हैं कि कब उनके कर्म उनपर लौटकर पड़ते हैं.. पड़ेंगे जरूर..