सूत्रों के हवाले सेअरविंद राणा और अमित नेहरा गिरोह आपस में हाथ मिला चुके हैं। पुलिस भर्ती में परीक्षा में पेपर आउट करने की कोशिश कर सकते हैं
अरविंद राणा कभी बड़ौत में कोचिंग सेंटर चलाता था। पुलिस को उसकी तलाश एसएससी का पेपर आउट कराने के मामले में पहले से थी। ऐसी सूचना भी पहले से आ रही थीं कि वह पुलिस भर्ती परीक्षा में पेपर आउट कराने की कोशिश कर सकता था।
इसी के चलते उसके गिरोह की तलाश तेज कर दी गई थी। वह तो हाथ नहीं आया, लेकिन इन प्रयासों के चलते बागपत के छपरौली में रोहित नाम का सिपाही और गाजियाबाद से आयकर अधिकारी अमित नेहरा को पेपर लीक करने की कोशिश में गिरफ्तार कर लिया गया था।
रोहित को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया था। वहां से उसे जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने बताया कि बिजनौर में तैनात रोहित ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहा था। वह नकल माफिया अमित नेहरा गैंग से काफी समय पहले जुड़ गया था। यह गिरोह पेपर आउट कराने और एसएमएस पर सवालों के जवाब देने का ठेका लेता था।
सिपाही से पूछताछ में इस गिरोह के जिन सदस्यों के नाम सामने आए हैं, वे हैं दिलशाद गार्डन (नई दिल्ली) का अमित नेहरा, सिनौली (छपरौली) के बंटी उर्फ रमन, सोनू , कपिल, दीपक, आजाद, रोबिन, हरेंद्र, सहारनपुर का राजीव और हरियाणा का योगेश। इनके अलावा तीन और नाम हैं अरविंद राणा, विनीत राणा और योगेश राणा। एसटीएफ की टीम काफी समय से कुख्यात राणा की तलाश कर रही थी।