R L D शामली सिटी आंखों देखा विश्लेषण मेहरबान खान

 कांधला जनपद शामली



मेहरबान खान पत्रकार की खास रिपोर्ट


शामली विधानसभा क्षेत्र पर टिकट को लेकर मारामारी के चलते प्रसन्न चौधरी गठबंधन के प्रत्याशी बनने पर गठबंधन समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है जिसको लेकर घोषित किए गए प्रत्याशी प्रसन्न चौधरी वैसे तो मृदुभाषी होने के साथ-साथ राजनीतिक पकड़ रखने वाले व्यक्तित्व का नाम प्रश्न चौधरी रखा गया है वहीं दूसरी तरफ टिकट के दावेदारों में कुछ लोग दरकिनार कर दिए गए उनमें एक नाम बिजेंदर मलिक पूर्व विधायक बलबीर सिंह मलिक के भतीजे का भी है जिसको लेकर गठवाला खाप में कुछ नाराजगी देखने को मिल रही है इस नाराजगी का लाभ उठाने के लिए अन्य दलों के लोग इस चिंगारी को हवा देने में लग गए हैं जिसका नतीजा इतना आश्चर्यचकित नहीं हो सकता जितना अन्य दलों के लोग सोच कर इसे हवा देना चाहते हैं क्योंकि शामली विधानसभा क्षेत्र मिनी छपरोली के नाम से विख्यात है इस क्षेत्र में लोकदल का एकछत्र राज हुआ करता था ज्ञात रहे इस क्षेत्र से चौधरी वीरेंद्र सिंह पूर्व मंत्री चौधरी चरण सिंह द्वारा बनाए गए जाट मुस्लिम पिछड़ों के गठबंधन के आधार पर लगभग तीन दशक तक जीत का परचम लहराते रहे रही बात बिजेंदर मलिक की गठबंधन प्रत्याशी का विरोध करना उनके राजनैतिक भविष्य के लिए किसी भी हद तक ठीक नहीं रहेगा चुनावी बिसात बिछ चुकी है सोचना विजेंद्र मलिक को है विरोध करना है या फिर पार्टी नीतियों को ध्यान में रखते हुए जयंत चौधरी द्वारा लिया गया फैसला मानकर चलना है