यूपी गोरखपुर दरोगा ने थाना प्रभारी को पीटा दोनों निलंबित विभागीय जांच शुरू मेहरबान खान

 थाने में मारपीट करने वाले थाना प्रभारी और दरोगा को एसएसपी ने किया निलंबित, विभागीय जांच शुरू



गोरखपुर।उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सहजनवां थाने में गुरुवार को थाना प्रभारी और दरोगा के बीच हुए मारपीट के मामले में एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने कार्यवाही करते हुए थाना प्रभारी अंजुल चतुर्वेदी और दरोगा रामप्रवेश सिंह को निलंबित कर दिया है और दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।


 


*यह था पूरा मामला*


गुरुवार की सुबह थाना परिसर में दरोगा राम प्रवेश सिंह कुर्सी पर बैठे फरियादियों की बात सुन रहे थे। इसी दौरान थाना प्रभारी अंजुम चतुर्वेदी अपने कक्ष से निकले और किसी कार्य से दरोगा को आवाज लगाने लगे। कई बार बुलाने पर दरोगा ने ध्यान दिया तो थाना प्रभारी खुद टहलते हुए मौके पर पहुंच गए। थानेदार ने दरोगा से बात नहीं सुनने का आरोप लगाते हुए सवाल किया। जिसे लेकर दोनों में बातचीत का लहजा बिगड़ गया और मामला तुम तड़ाम तक पहुंच गया।


*दरोगा ने थाना प्रभारी को मारा थप्पड़*


 इसी दौरान दरोगा ने थाना प्रभारी को दनादन चार पांच थप्पड़ जड़ दिए।इसके बाद दोनों में जमकर लात-घूसे चले।थाने में ही थाना प्रभारी की पिटाई देखकर फरियादी सन्न रह गए।मारपीट देखकर थाने का मुंशी भाग कर पहुंचा और दरोगा को पकड़ कर दूर किया, लेकिन थाना प्रभारी और दरोगा दूर होने के बाद भी एक दूसरे को अभद्र भाषा बोलते रहे।पुलिस कर्मियों के बार-बार कहने के बाद दरोगा अपने आवास में गए और थाना प्रभारी अपने कक्ष में जाकर बैठ गए। 


थाना प्रभारी और दरोगा पर कार्रवाई


इस मामले की जानकारी जब एसपी उत्तरी मनोज कुमार अवस्थी और सीओ कैंपियरगंज अजय कुमार सिंह को हुई तो मौके पर पहुंचे और इस मामले की जांच कराई।जांच रिपोर्ट वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर को भेज दिया।इसके बाद एसएसपी ने थानेदार और दरोगा पर कार्रवाई की है।

एसएससी ने कहा है कि इससे पुलिस की छवि खराब हो रही है।पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहते हुए इन्होंने अनुशासनहीनता की है।