शामली जनकल्याण हेतु यज्ञ पूजन श्रद्धालुओं ने समाधि पर किया माल्यार्पण

 शामली जनकल्याण केे लिए श्रद्धालुओं द्वारा यज्ञ हवन कराया गया नाथ पंथ के नाथों व समाधि पर माल्यार्पण कर फूलों की वर्षा की गई उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया


ओम शिव गोरख समाधि स्थल ,न्यादर नाथ  धाम तपोभूमि समाधि स्थल ,गांव खेड़ी वैरागी जिला शामली मैं श्रद्धालुओं द्वारा ,गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा पर , व न्यादर नाथ की समाधि आदि पर माल्यार्पण कर, विधिपूर्वक पूजन किया गया  और  श्री संजय नाथ व विजय नाथ को तिलक कर  माल्यार्पण किया और  उनके ऊपर फूलों की वर्षा की गई और फल व मिष्ठान का प्रसाद लगाया गया इसके बाद , यज्ञ शाला में, हवन का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में पधारे  चौधरी जुगमेंदर सिंह मलिक, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा हिंदू युवा वाहिनी, विशिष्ट अतिथि अरविंद कौशिक निवर्तमान जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष हिंदू युवा वाहिनी जनपद शामली से पंडित विजय पाल सिंह ,संदीप योगी नें संयुक्त रूप से, वैदिक मंत्रों द्वारा  हवन में संपूर्ण आहुति दुआ कर संपन्न कराया, इसके बाद, श्रद्धालुओं को मिष्ठान का प्रसाद वितरण किया गया, श्री संजय नाथ ने कहा व्यक्ति को धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए क्योंकि इस मृत्युलोक में व्यक्ति के साथ केवल अच्छे व बुरे कर्म साथ जाते हैं, इसलिए व्यक्ति को अच्छे कर्म करने चाहिए उन्होंने कहा हवन करने से वातावरण शुद्ध होता है और अनेक बीमारियों का दमन होता है, उन्होंने कहा इस तपोभूमि की  यज्ञशाला में प्रत्येक सोमवार को हवन होता है इसलिए श्रद्धालुओं को हवन में सम्मिलित, होना चाहिए, इस अवसर पर, शिवदत्त शर्मा, राधेश्याम शर्मा, धीरज मित्तल, मोनू सिंह, राहुल, राकेश बंसल, आदि उपस्थित थे

Popular posts
चार मिले 64 खिले 20 रहे कर जोड प्रेमी सज्जन जब मिले खिल गऐ सात करोड़ यह दोहा एक ज्ञानवर्धक पहेली है इसे समझने के लिए पूरा पढ़ें देखें इसका मतलब क्या है
मत चूको चौहान*पृथ्वीराज चौहान की अंतिम क्षणों में जो गौरव गाथा लिखी थी उसे बता रहे हैं एक लेख के द्वारा मोहम्मद गौरी को कैसे मारा था बसंत पंचमी वाले दिन पढ़े जरूर वीर शिरोमणि पृथ्वीराज चौहान वसन्त पंचमी का शौर्य *चार बांस, चौबीस गज, अंगुल अष्ठ प्रमाण!* *ता उपर सुल्तान है, चूको मत चौहान
Image
एक वैध की सत्य कहानी पर आधारित जो कुदरत पर भरोसा करता है वह कुदरत उसे कभी निराश नहीं होने देता मेहरबान खान कांधला द्वारा भगवान पर भरोसा कहानी जरूर पढ़ें
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सभी जिला अधिकारियों के व्हाट्सएप नंबर दिए जा रहे हैं जिस पर अपने सीधी शिकायत की जा सकती है देवेंद्र चौहान
जिंदगी का सफर-ये कैसा सफर कहानी क्या शिक्षा दे रही है वह बता रही है यह संसार ही समुंद्र है दंपत्ति का घर ही उसमें जलयान है यानी समुद्री जहाज है उसमें रहने वाले पति पत्नी मुसाफिर है और बच्चों को सही से इस भवसागर से पार तार देना कर्म नाम से जाना जाता है इसमें सफर कर रहे पति पत्नी पत्नी मोह के कारण डूब जाती है और पति ज्ञान रूपी नौका पर सवार होकर समुद्र से बाहर निकल आता है यह इस कहानी का सारांश या भावार्थ होना चाहिए आगे बता रहे हे सुंदर कहानी बता रहे है मेहरबान खान अपनी जबानी
Image